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Lung Cancer: जानलेवा होता है फेफड़ों का कैंसर, शरीर में दिख रहे इन 4 लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को ना करें इगà¥à¤¨à¥‹à¤°
कैंसर से बचने के लिठशà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को जानना बेहद जरूरी है.
Lung Cancer Symptoms: लंग कैंसर यानी फेफड़ों का कैंसर à¤à¤¾à¤°à¤¤ में तेजी से अपने पैर पसार रहा है. इसकी मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ यानी सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग कही जा सकती है. इसके अलावा इसके कई दूसरे कारण à¤à¥€ हो सकते हैं, जिनमें तंबाकू चबाना, सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग वाले धà¥à¤à¤‚ के संपरà¥à¤• में आना, घर या कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤² पर खतरनाक कहे जाने वाले à¤à¤¸à¥à¤¬à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¸ या रेडॉन जैसे पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के संपरà¥à¤• में आना और पारिवारिक इतिहास. हालांकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में देखा जाठतो फेफड़ों के कैंसर के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मरीज धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ की वजह से इसकी चपेट में आते हैं.
हेलà¥à¤¥ लाइन की खबर के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अधिकतर लोगों को लंग कैंसर का पता शà¥à¤°à¥‚आती सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ पर नहीं चलता और इसी वजह से इसका सही इलाज नहीं हो पाता. अगर इलाज की बजाय इसके बचाव के उपायों पर गौर किया जाठतो लंग कैंसर का सटीक इलाज हो सकता है और इसके मरीज की जान बचाई जा सकती है.
चलिठजानते हैं कि लंग कैंसर के चार बड़े लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बिलकà¥à¤² à¤à¥€ नजरंदाज नहीं करना चाहिà¤.
लंग कैंसर के लकà¥à¤·à¤£ –
1. अधिक समय तक खांसी रहना और खांसते समय खून आना
खांसी और वो à¤à¥€ लगातार खांसी रहना लंग कैंसर का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण हो सकता है. हालांकि खांसी कोई बीमारी नहीं कही जा सकती है लेकिन अगर लगातार बलगम वाली खांसी आ रही हो और खांसी में खून आने लगे तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच करवाने की जरूरत है. हालांकि खांसी होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° पहचान नहीं कर सकते कि लंग कैंसर है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसे हिडेन सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ कहा जाता है. अगर खांसी चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक बनी हà¥à¤ˆ है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जांच करवाने की जरूरत हो जाती है.
2. छाती में दरà¥à¤¦ होना और सांस लेने में कठिनाई होना
छाती में दरà¥à¤¦ होना औऱ किसी à¤à¥€ वकà¥à¤¤ सांस लेने में दिकà¥à¤•त महसूस होना à¤à¥€ लंग कैंसर का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है. अगर कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग करता है तो उसे और उसकी नजदीकी लोगों को ये लकà¥à¤·à¤£ इगà¥à¤¨à¥‹à¤° नहीं करने चाहिà¤. अगर उसकी छाती में दरà¥à¤¦ हो रहा है, साथ ही सांस लेते वकà¥à¤¤ उसका दम फूल रहा है तो समठजाना चाहिठकि फेफड़ों में दिकà¥à¤•त हो रही है.
3. थकान महसूस होना, वजन à¤à¤•ाà¤à¤• कम होना
लंग कैंसर के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में बिनावजह थकान महसूस होना à¤à¥€ शामिल है. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कामकाज किठबिना à¤à¥€ हर वकà¥à¤¤ थकान का तारी होना à¤à¥€ इसका लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है. मानसिक रूप से à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ थकान और कमजोरी महसूस करता है. उसका किसी चीज में मन नहीं लगता. वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का वजन à¤à¤•ाà¤à¤• गिरने लगता है और वो कमजोरी महसूस करने लगता है. उसे à¤à¥‚ख लगनी बंद हो जाती है और चकà¥à¤•र आने लगते हैं. ये थकान, कमजोरी लंग कैंसर के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं.
4. सिर, कंधे, पीठछाती में दरà¥à¤¦
सिर में लगातार दरà¥à¤¦ बने रहना, छाती, कंधे या पीठमें लगातार दरà¥à¤¦ बने रहना और असमय बà¥à¤–ार की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनना à¤à¥€ लंग कैंसर का लकà¥à¤·à¤£ कहा जा सकता है. अगर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लगातार कमजोरी और खांसी के साथ बà¥à¤–ार हो रहा हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच करवानी चाहिà¤. वो लोग जो लगातार सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग करते हैं, अगर इन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जूठरहे हैं तो ये लंग कैंसर के लकà¥à¤·à¤£ कहे जा सकते हैं.
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